Friday, February 25, 2011

सड़क दुर्घटना का खतरा

लापरवाही जीवन के खतरनाक होती है। कुछ लोगों पूरी सावधानी के साथ चलते हैं फिर भी दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में कुछ ग्रह दुर्घटना से संबंधित बताए गए हैं। ज्योतिष शास्त्र से जाना जा सकता है यदि किसी के साथ वाहन दुर्घटना या अन्य कोई एक्सीडेंट से नुकसान होने के योग हों। मंगल, शनि, राहु या सूर्य इनमें से कोई एक ग्रह अष्टम स्थान मे हो तथा इन पर किसी शुभ ग्रह की दृष्टि न हो तब दुर्घटना के योग बनाते हैं। इन चारों ग्रहों में से कोई एक ग्रह भी पाप ग्रह के साथ हो तो सड़क दुर्घटना का भय रहता है। पितृ दोष का विचार भी अष्टम भाव से किया जाता है, पितृदोष भी दुर्घटना का कारण होता हैं। स्त्री की पत्रिका में उसके पति की आयु का विचार अष्टम भाव से होता है। नवांश कुंडली मे सूर्य-मंगल यदि एक दूसरे पर दृष्टि रखते हों तो भी सड़क दुर्घटना का खतरा बनता है। राहु की महादशा हो तथा सूर्य या चंद्र अष्टम स्थित हो, तो भी यह खतरा बना रहता है। द्वितीय भाव दूषित होने पर भी यह खतरा मंडराता है। दुर्घटना के योग बचने के लिए अष्टम भाव में स्थित अशुभ ग्रह का उपचार कराएं। श्री हनुमानजी का पूजन करें। शिवजी का अभिषेक करें। वाहन चलाते समय पूरी सावधानी रखें और यातायात के नियमों का पालन करें।

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